हां.... रास्ते वाकई में रास्ते कठिन हैं.... और चलना तो इतना संभल-संभल के है.... कि इस समय एक भी चूक रास्ते को लंबे समय तक बंद ही हो जाएगा और पता नहीं कि जब खुले तो हम चलने लायक रहें ना रहें....
मगर फिलहाल जद्दोजहद ही इसी रास्ते पर चलने की.... और शायद वापस मुड़ के ना देखने की ...
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2 comments:
हां..संभल के तो चलना है लेकिन कुछ मुसीबतों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना ही पड़ेगा.... जो अपेक्षित भी और कभी-कभी अनेपेक्षित भी...
हां..संभल के तो चलना है लेकिन कुछ मुसीबतों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना ही पड़ेगा.... जो अपेक्षित भी और कभी-कभी अनेपेक्षित भी...
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